सुखी जीवन का सरल मंत्र क्या है?

 


सुखी जीवन का सरल मंत्र क्या है? 

शिवयोग कहता है कि व्यक्ति को जैसा जीवन जीना है, उसे वैसे ही विचार अपने मन में लाने होंगे। क्योंकि हमारे विचारों से ही हमारे जीवन का निर्माण होता है। इसी लिए एक आध्यात्मिक व्यक्ति को सकारात्मक विचारों को मन में रखने की बात कही गई है। क्योंकि जब आपके मन में दूसरों के प्रति सकारात्मक विचार होंगे तो आपका जीवन निर्मल और पवित्र होगा। जिसके कारण आप संसार में आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों ही रूप में उन्नति करते हैं। वहीं जिन लोगों के मन में दूसरों के प्रति सदैव कर्स होता है, उनका जीवन कष्टों के बीच गुजरता है। ऐसे व्यक्ति जन्म लेने के मूल उद्देश्य से भटक जाते हैं और कई जन्मों तक जन्म-मरण के बंध में फंसे रहते हैं। इस लिए शिवयोग में साधकों को ध्यान-साधना के माध्यम से मन को स्वच्छ और निर्मल करने का ज्ञान दिया जाता है। ताकि वह इस जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर शिवोहम की अवस्था को प्राप्त कर सकें।

Comments

Popular posts from this blog

ECHOES OF ETERNITY: TAPPING INTO TIMELESS WISDOM AND ETERNAL TRUTHS

Dr. Avdhoot Shivanand's Wisdom: Integrative healing therapy for Holistic Wellness

SACRED SERENITY: EXPLORING SPIRITUAL DEPTHS WITH SHIVYOG