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कष्टों और मुसीबतों से कैसे मुक्ति पाएं?

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  कष्टों और मुसीबतों से कैसे मुक्ति पाएं? मनुष्य के जीवन में सुख-दुःख दोनों ही मौजूद होते हैं। यह विधि के विधान के कारण नहीं बल्कि हमारे अपने कर्मों की वजह से होते हैं। हमारे जीवन में जो भी परेशानी बनी हुई है, उसके पीछे हमारे संचित कर्म ही हैं। जब तक व्यक्ति अपने इन संचित कर्मों को नष्ट नहीं कर पाता है, तब तक उसके जीवन में सुख-शांति आना असंभव है। जब हम साधना के माध्यम से अपने कर्मों को नष्ट कर लेंगे, उसी दिन हमें अंदर से परमशांति का अनुभव हो पाएगा। जिसे आध्यात्म की भाषा में सत-चित-आनंद कहते हैं। इसी सत-चित-आनंद की अवस्था को प्राप्त करने के लिए शिवयोग की साधनाओं को हम जीवन में अपनाकर, अपने अंतर मन को शिवा काॅन्शियस माइंड में प्रवेश कराते हैं। जिसके बाद हमें परमशांति की अनुभूति होती है और हमारे जीवन की सभी परेशानियां एक-एक करके रिलीज होती जाएंगी। #shivyogwisdom #lifelessons #consciousness #release #karmichealing #shivyog

SACRED SERENITY: EXPLORING SPIRITUAL DEPTHS WITH SHIVYOG

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  SACRED SERENITY: EXPLORING SPIRITUAL DEPTHS WITH SHIVYOG In the tumult of our daily lives, the pursuit of spiritual serenity has become a paramount quest for many.  Shiv Yog , a spiritual awakening founded on deep wisdom, offers a transformative journey into the depths of the soul, guiding seekers toward a sacred serenity that transcends the mundane. Rooted in the teachings of ShivYog, this spiritual path unveils the boundless potential within every individual, providing a roadmap to inner peace and spiritual fulfillment. Benefits 1. Joyful Living: ShivYog encourages a shift towards a more joy-filled existence, inspiring individuals to embrace the present moment and find happiness in the simplest aspects of life. 2. Increased Energy Levels: Through energy healing techniques, ShivYog contributes to an overall increase in energy levels, revitalizing both the body and mind. 3. Harmonious Relationships: Practitioners report a positive impact on relationships, teachings promote e...

प्रतिप्रसव साधना से जीवन में क्या बदलाव आते हैं?

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  प्रतिप्रसव साधना से जीवन में क्या बदलाव आते हैं? जो कई सौ वर्ष साधना के बाद हम आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करते हैं, वह हम शिवयोग की प्रतिप्रसव साधना करने मात्र से प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिप्रसव साधना एक ऐसी साधना है जो गुरु के संरक्षण में ही की जा सकती है। इस साधना के करने के बाद साधक के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलते हैं। प्रतिप्रसव साधना के माध्यम से हम जीवन में स्वस्थ्य लाभ, मानसिक लाभ, आध्यात्मिक उन्नति और हमारे सकारात्मक भावों का प्रभाव होता है। इसके साथ ही हम इस साधना के माध्यम से अपने संचित कर्मों का जलाकर नष्ट कर सकते हैं। इस साधना को हम रिश्तों में मधुरपन लाने की भी साधना कहते हैं। जब हम यह साधना पूर्ण कर लेते हैं तो हम शास्त्रों को समझने लगते हैं। इसके अलावा जो भी शास्त्रों में घटनाओं का वर्णन है, उन घटनाओं को भी हम इस साधना के माध्यम से अपने जीवन में अनुभव कर पाते हैं। Shivyog Intensive Prati Prasav Sadhna Webinar - Registration Open Click here to register : https://www.shivyogportal.com/events/7d5b64df-1b78-4a16-9afc-9fcabf79b06b-0458eb/register #ShivYo...

सफलता का मूल मंत्र क्या है?

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  सफलता का मूल मंत्र क्या है? इस संसार में प्रत्येक मनुष्य सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुंचना चाहता है। वह चाहे आध्यात्मिक क्षेत्र में हो या फिर भौतिक। लेकिन यह सफलता कैसे प्राप्त होगी, यह जानना बहुत अहम है। सफलता प्राप्त करने के पहले, व्यक्ति को खुद पर विश्वास करना सीखना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति जीवन में अपने आप पर ही विश्वास नहीं रख पाता है वह जीवन में कभी भी सफलता नहीं प्राप्त कर सकता है। इसलिए व्यक्ति को शरीर और मन की सीमा या मर्यादा से बाहर आना होगा जो कि व्यक्ति के मन को यह भ्रम दिलाता है कि वह अमुक अमुक कार्य नहीं कर सकता। उसके भीतर कार्य करने की क्षमता नहीं है। अपने सुंदर, पूर्ण व्यक्तित्व के उभरने में जो भी शारीरिक और मानसिक बाधाएं हैं उन सबको प्रतिदिन एक एक करके खत्म करना होगा, उनको जीतना होगा। शिवयोग की अति शाक्तिशाली और दुर्लभ लेकिन सरल साधनाएं प्रतिदिन साधक के सभी पांचों शरीरों का शोधन करती हैं और संचित कर्मों के फलीभूत प्राप्त इन सभी बाधाओं को ध्वस्त करती जाती हैं। इस प्रकार साधक हर दिन अपनी नई सीमाओं का निर्माण करता है और शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से और अधिक शक्त...

कष्ट और असफलता से कैसे मुक्ति पाएं?

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  कष्ट और असफलता से कैसे मुक्ति पाएं? इस संसार में हर व्यक्ति सुंदर और खुशहाल जीवन पाना चाहता है लेकिन जब वहीं उसके जीवन में दुख, कष्ट और असफलताएं आती हैं तो वह इस सबको ईश्वर का विधान मानकर स्वीकार कर लेता है। यही स्वीकार करना उसकी अज्ञानता है। दरअसल, हमारे जीवन में जो कुछ भी अच्छा या बुरा होता है उसके पीछे हमारे पिछले जन्मों के संचित कर्म ही होते हैं। इन्हीं संचित कर्मों के कारण ही हमारे वर्तमान जीवन में सुख-दुख आते हैं। इन संचित कर्मों को यदि व्यक्ति खत्म कर ले तो उसका वर्तमान जीवन अवश्य बदल सकता है। शिवयोग की अद्वैत श्री विद्या साधना संचित कर्मों से मुक्ति पाने की एक बहुत ही प्रभावशाली साधना है। इसके माध्यम से अद्वैत श्री विद्या का साधक अपने पूर्व जन्मों के सारे संचित कर्मों को तप की अग्नि में भस्म कर पूर्ण रूप से रिलीज कर लेता है और अपने अनुसार अपना जीवन यापन कर पाता है। ऐसी ही प्रभावशाली साधनाओं से लोगों को परिचित कराने के लिए बाबा जी के द्वारा देश और विदेश सभी जगहों पर शिवयोग फोरम की स्थापना भी की गई है। #shivyogwisdom #positivemindset #minfulness #meditation #awareness ...

ध्यान-साधना का महत्व क्या है?

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  ध्यान-साधना का महत्व क्या है? शास्त्र कहते हैं कि जब ईश्वर ने साकार रूप धारण किया था। तब शिव से ही नारायण की उत्पत्ति हुई थी। इसके बाद नारायण की नाभि से कमल की नाल निकली, जिससे ब्रह्मा जी उत्पन्न हुए। इसके बाद भगवान ब्रह्मा और नारायण को उनके वास्तविक स्वरूप का ज्ञान तभी हुआ, जब उन्होंने तप किया था। ठीक इसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी तप के बिना अधूरा और निरर्थक है। साधना के बिना उसका शुद्धिकरण नहीं हो सकता है और वह अपने आप से परिचित भी नहीं हो सकता है। हर व्यक्ति को यह जानने की आवश्यकता है कि वह कहां से आया है और उसके जीवन का मूल उद्देश्य क्या है। इस सवाल का जवाब व्यक्ति को साधना के माध्यम से ही प्राप्त हो सकता है और उस मूल उद्देश्य की पूर्ति कर वह अपने जीवन को पूर्ण कर सकता है। #shivyogwisdom #dhyana #purification #purpose #mindfulness #consciousness

कल्पना शक्ति का प्रयोग कैसे करें?

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  कल्पना शक्ति का प्रयोग कैसे करें? शास्त्रों में एक बात बहुत ही प्रमुखता से कही गई है, वह है हमारी कल्पना। हमारी कल्पना का स्वरूप कैसा होना चाहिए, इस पर भी हमारे सिद्धों ने हमें विस्तृत रूप में बताया है। शिवयोग के सिद्धों की मानें तो हमारे जीवन जीने में हमारी कल्पनाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। जैसी हमारी कल्पनाएं होंगी, वैसा ही हमारे जीवन का निर्माण होगा। इस लिए आप जीवन में जो कुछ भी चाहते हैं, उसी की कल्पना आपको करनी चाहिए। जिन चीजों या परिस्थितियों से आप अपने को दूर रखना चाहते हैं, उनकी कल्पना आपको कभी भी नहीं करनी चाहिए। एक अच्छे जीवन के अभिलाषी व्यक्ति जिन चीजों से दूर रहना चाहते हैं वे नकारात्मकता के भाव से युक्त होती हैं। जब मन में नकारात्मक भावों का प्रभाव होता है तो हमारे अंदर की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कम होने लगता है और हम जीवन में चिंता, कष्ट, बीमारियों की चपेट में फंस कर रह जाते हैं। #shivyogwisdom #creativity #mindfulness #consciousness #mindset #thoughts